लोग बदल जाते है अक्सर..

लोग बदल जाते है अक्सर 


युँ उम्र भर का कोई साथी नहीं बनता

जरूरत का नाता रिश्ता नहीं बनता

कल तक घंटो बातें हुआ करती थी 

आज फुर्सत के चार पल भी, निकाल नहीं पाता.. 


उसके न होने का कोई दुख नहीं बनता 

तेरा वज़ूद किसी का मोहताज नहीं बनता 

कल तक ज़िंदगी बया हुआ करती थी 

आज अक्सर कुछ भी, कह नहीं पाता..


तेरी अश्कों का कोई अर्थ नहीं बनता 

जब तेरा हाल उसे समझ नहीं बनता 

कल तक तेरी चुप्पी भी सवाल उठाती थी 

आज तेरे होने न होने को, कोई भाँप नहीं पाता..


लोग बदल जाते है अक्सर..

हर राहगुज़र हमसफ़र नहीं बनता। 


                                                      - तेजश्री शिंदे ✍️ 

Comments

  1. बहुत बढ़िया साथ ही दिल को छू लेने वाली पंक्तियां....

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    1. धन्यवाद ज्ञानेश्वर 😊😊

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  2. Real truth... Awesome words... So touching...

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  3. Awesome... So touching... N truth of life

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    1. मनाला स्पर्शून जाणारे शब्द....अर्थ खूप कवितेला परंतु शब्दातून व्यक्त करता न येणारा अनुभव...अबोल...

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  4. बहुत खूब, उम्दा अल्फाज दी 👌👌👌

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  5. matlab kaa naata kabhi rishta nahi banta super line mam

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  6. बहुत खूब

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  7. बहुत बढ़िया _"ब्रेक अप लाइन्स,"_ गहरे विचारों और भावनाओं को कागज पर उतारना बहुत मुश्किल है...
    लेकिन आप यह बहुत बढ़िया करते हैं 😊🌹

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  8. बहोत खुबसुरत!!

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  9. रूपेश दळवी22 April 2024 at 18:55

    तेरे ना होने से तेरा एहसास नहीं मरता
    खामोशीसे तेरा वजुद नहीं मिटता

    हर राहगुजर हमसफर नहीं बनता !

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    1. वाह...रुपेश सर... बहारदार!

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  10. “अब छलकते हुए सागर नहीं देखें जाते,
    तौबा के बाद यह मंजर नहीं देखे जाते।
    हम ने देखा है जमाने का बदलना लेकिन,
    उन के बदले हुए तेवर नहीं देखें जाते।”
    - अली जलील

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    1. क्या बात है... इस शायराना reply के लिए धन्यवाद।

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  11. युँ उम्र भर का कोई साथी नहीं बनता
    जरूरत का नाता रिश्ता नहीं बनता... क्या गहराई है शब्दों की।

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  12. अतिशय सुंदर रचना... प्रगल्भ... वैचारिक... भावनिक!

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  13. तेजू मराठीवर जेवढी तुझी पकड आहे तितक्याच ताकदीने तू हिंदी भाषेमध्ये लिखाण करतेस. तुझ्या हिन्दी कविता देखील अतिशय आशयघन असतात. तुझ्या लिखाणातील तेज दिवसेंदिवस असेच वृद्धिंगत होवो.

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    1. मनापासून धन्यवाद 😊

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  14. Very nice. Written from the depths of thoughts reflecting the superficial and changing human relationships

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  15. बशीर बद्र साहब के हम भी बड़े fan है.. उनके इस उम्दा शेर के लिए शुक्रिया।

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  16. खूपच सुंदर कविता आहे.

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  17. ये कविता... और सोफेपर आपका अकेले बैठा ये चित्र बहोत सारी अनकही बाते बयान करता है। कहीं ना कहीं हम सब एक मोड़ पर आके अकेले हो जाते है.. उस वक्त हम खुद ही खुद के हमसफ़र हो जाते है.. क्योंकि लोग बदल जाते है अक्सर......

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    1. किसीने खूब कहा है... एक चित्र हज़ारों शब्दों के बराबर होता है और आपने ये बखुबी समझ लिया। कविता चंद शब्दों मैं सिमट जाती है और उसके साथ आया चित्र उस कविता के शब्दों को दृश्य रूप देने की कोशिश करता है। मेने हमेशा ही इन दोनों का तालमेल बनाने की कोशिश की है। आपने इस बात को अचूकता से समझा इसलिए बहोत धन्यवाद। 😊😊

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  18. लोक येतात, जातात!
    आपल्या आयुष्यात लोक येतात आणि जातात, आपण आपल्या आयुष्याच्या चाव्या त्यांच्या हाती देऊन टाकतो. फार उशिराने जाग येते तेव्हा कळत आपण चुकलो, व्यक्तीची निवड चुकली का? हा प्रश्न येतो त्यावेळी कमालीचा त्रास होतो. अशा वेळी ही वेळ जाऊ द्यावी बाकी माणसं असतात आपल्या आयुष्यात ज्यांच्यामुळे आपण आनंदी असू शकतो, मग अशा भारी माणसांसाठी वेळ काढायचा,हळू हळू लक्षात येत की सार काही बस वेळेवर व्हावं, कोण आहे, सोडून गेलं यापेक्षा आता कोण आहे त्यांच्यासाठी सोबत राहावं, अपेक्षेविना!

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  19. अक्सर तर यही होता है|✋ nice 👍

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