बाकी है अभी..(कविता)
बाकी है अभी..
गुज़रे वक़्त का ख्याल ना किया कभी
हाँ.. मगर आँखो में पानी बाकी है अभी
हमनें सवाल नहीं उठाए थे कभी
हाँ..पर कुछ जवाब मांगने बाकी है अभी
हर पहलू को इतना ना टटोला कभी
हाँ..पर मेरी सोच पे चलना बाकी है अभी
हमनें शब्दों से दिल ना दुखाया कभी
हाँ..मगर खाली पन्नों पर लिखना बाकी है अभी
युँ तो ज़िंदगी को रुसवा ना किया कभी
हाँ..मगर मेरे हिस्से का जीना बाकी है अभी
हाँ..मेरे सब्र का इम्तिहान बाकी है अभी..

खूपच छान खूपच छान
ReplyDeleteखुप सुंदर कविता लिहिली..... Very nice 👌
DeleteKhup chan
ReplyDeleteबहोत खूब, आपके लिखने के ये अंदाज कितने सारे है .. हमें समझना बाकी है अभी 😍
ReplyDeleteऔर बहुत कुछ काग़ज पर उतरना बाकी है अभी 😃😃
Deleteतेजु अतिशय संयमाने व्यक्त होणारी कविता, उत्कृष्ट
ReplyDeleteThak you😊
DeleteAwesome 👍
ReplyDelete
ReplyDeleteमुस्कुराता हुआ, गुल खिलाता हुआ मेरा यार
आँखें मलता हुआ, तन चुराता हुआ मेरा यार
कविता ऐकल्यावर हे गाणं सुचलय
मस्त लिहलय
सुंदर 👌
DeleteSuperb 👌🏻
ReplyDeleteयाद आते किस्से कही,
ReplyDeleteकुछ किस्से भुलणा बाकी हे अभि!
सुखी पडी इस जमीं को,
भिगना बाकी हे अभी !
जख्म दिये इस दिलपर इतने सारे कुछ सुखें
तो कुछ गिले है अभी !
बहुत उम्दा!👌👌
Deletekhup ch chan teju
ReplyDeleteTooooo gooooood
ReplyDeleteWaah
ReplyDeleteYu toh aapne Kamm hi kiye shabdo ka estimaal,
ReplyDeleteHa! Hame inki gehraaiyya samajhna baaki hai.
वाह...बढ़िया! 😊😊👌👌
DeleteAwesome 👌🫶
ReplyDeleteबहुत बढ़िया गज़ल तेजू!
ReplyDeleteदिल के दर्द को बेहतरीन अल्फाजों में बिखेरती हुई!
यूँ तो कुछ दर्दों को को अश्कों में छुपाया हमने
हाँ.. उस दर्द-ए-दिल के अफ़साने सुनाना बाकी हैं अभी..
वाह...बहुत खूब मंगेश जी! आपके दर्द--ए -दिल के अफ़साने जरूर सुनाना चाहेंगे।
Deleteअभी तो शुरुआत हुई है, बहुत कुछ करना बाकी है
ReplyDeleteमुश्किलों की हर सफर से, अभी लड़ना बाकी है
हर दुख अपने पीछे छोड़,
आपको अपनी हर खुशी का हिस्सा बनाना बाकी है...
वाह...👌👌
Deleteवाह...बहुत ही बेहतरीन ।
ReplyDeleteमेरे सब्र का इम्तिहान अब मत लो ऐ है ज़िंदगी, जो मुझे बीच राह में छोड़ गए वो मेरे अपने ही थे।
Very deep 👌👌
Deleteऔरोंका मन जान लेने मे वक्त बिताया था कभी
ReplyDeleteहा पर अपने मन की बात बताना बाकी है अभी.....
-सौरभ
सुंदर line's सौरभ दा 👌👌
Deleteसब कुछ तो पा लिया अब और क्या बाकी है …
ReplyDeleteबहुत सुंदर❤️❤️❤️👌🏼👌🏼👌🏼👌🏼
ReplyDeleteI really love this…..beautifully written ma’am 😍
ReplyDeleteज़िन्दगी के हर मोड़ पर
ReplyDeleteहमें वही करना चाहिये,
जो हमारा दिल हमसे कहता है,
क्योंकि जो दिमाग कहता है
वो मज़बूरी होती है और
जो दिल कहे वह मंजूरी होती है.🙏🏻
इसीलिए कभी कभी कविताएँ लिखा करो पराग...दिल की बात काग़ज़ पर उतर ही आएगी। 😊😊
Deleteजो मिला हैं उसका जिक्र,
ReplyDeleteऔर उसके लिये दीलसे शुक्र,
जो मिलना बाकी हैं उसके लिये सब्र,
इन सब को जाहीर करणे वाले आपके ये अल्फाज बहोत प्यारे और दिल को छु जाते है.
जिंदगी को जिना सिखना जरुरी है, जब तजूर्बा आता है जिंदगी जिते जिते तब इस ढंग से सोचने की आदत सी लग जाती है। आपका ये सफर इतना रंगीन है की आप हर भाषा मे उसी अंदाज मे लिखते है, और हमे अपका हर हर्फ पसंद आता है..।
अभी मेरे सब्र का इम्तिहान बाकी है.. इसके लिये अलग से बधाई और तहे दिल से शुक्रिया....!!
अझहर..
आपके इस इज्जत अफजाई के लिए तहे-दिल से शुक्रिया अझहर।
DeleteKhup chan Teju. Lovely
ReplyDelete👌👌
बढ़ रहा हूंँ डगर पर
ReplyDeleteमगर पाना अभी बाकी है हां !
वक्त को करने दो अपनी मनमानी, क्यूँ की
हमारा वक्त अभी बाकी है !!
आप सभी का बहोत शुक्रिया। मेरी इस कविता को आप सभी ने अपने अपने शब्दों मे आप की दिल की बात बताई ...और साथ ही में आपकी दो चार पंक्तियों ने मेरा उत्साह और भी बढ़ाया है.. ऐसे ही प्यार देते रहिए। 😊🙏🙏
ReplyDeleteSupebbbb
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