तेरी मुस्कान...
तो गुस्ताख़ी ना समझना..
मेरी आहट ने तेरे चेहरे की लकीरें बदल दी,
तेरे मुस्कान को इश्क़ का नाम दूँ,
तो गुस्ताख़ी ना समझना।
यू तोह हम ठहरें फ़कीर मिजाज के
तेरे सहारे बैठे तोह शायर बन गए!
वो चुप्पी भी कमाल की साधी आपने
अल्फाज़ भी ना निकले और फ़साने बयां हो गए।
वो ख़ामोशी ना मोहताज़ हुईं लबों की
मेरे साँसों में अटक के दिलों को छू गई!
तेरा अंदाज़ ये प्यार भी कुछ अलग सा था
जिस्मों को रूह से मिला के चला गया!
तेरे छूने से मेरे ख़यालों का रुख ही बदल गया,
इस एहसास को हम इश्क़ समझे,
तो गुस्ताख़ी ना समझना।

Khup chan Tai 👏👏
ReplyDeleteThank you 😊
DeleteBahut Khoob
DeleteVery nice👌👌👌
Deleteअति सुंदर
Deleteखूप छान,, फोटो पण मस्त आहे, निरागस
ReplyDeleteThank you.
Deleteक्या खुब लिखा है लिखने वाले ने काश हमारे लीए भी किसिने काश लिखा होता खुप छान 👌👍
ReplyDeleteThank you.
DeleteYe aaina kya de sakega aapki shakhsiyat ki khabar....kabhi hamari aankho se aakr pucho kitne lajawab ho tum....
ReplyDeleteवाह! बहोत उम्दा।
DeleteWow... बहुत बढिया लिखा है........
ReplyDeleteतो गुस्ताख़ी ना समझना। ❤️👌
शुक्रिया।
Deleteखूपच छान आहे
ReplyDeleteThank you.
DeleteSuperb captain,.. 👍🏻
ReplyDeleteThanks dear 😊
Deleteअरे वाह बहोत खूब,
ReplyDeleteआज का मिजाज अपका शयराना है, ना जाणे ये शायरी है या नजम है या गजल है. जो भी है बहोत खुबसुरत है. दिल को छू गये अल्फाझ औंर कूछ सोचने पर मजबूर किया. सोचा तो कूछ इस कदर दो लफज बायान हो गये बस आपके लिये.
तेरे एहसास ए इश्क को हम जरूर गुस्ताखी का नाम देंगे,
कभी पलकोंसे तो कभी होठोंसे जाम देंगे,
प्यारी सी सुबह देंगे, नशिली शाम देंगे,
इश्क के इस एहसास को खुबसुरत अंजाम देंगे.
अझहर.....
वाह! अंदाज़े बया बहोत खूब... शायरी मे तुम्हारा हाथ कोई भला पकड़ सकता है अझहर... ऐसे ही लिखते रहो..!
Deleteये नज्म मेरी तरफ से आपकी पत्नी को सुना देना ।😊😊
Deleteआप के मुस्कान के पीछे जरूर कोई राज है, पल भर के लिये हम अपना समझाकर खुद ही मुस्कुरान लगे....
ReplyDeleteशुक्रिया।
Deleteऐकवली ना. खूप आवडली तिला.
Delete😊😊
Deleteअहाहा!!
ReplyDeleteThanks Geetesh.
ReplyDeleteखूप छान......👍
ReplyDeleteThank you 😊
Deleteकिती सुंदर लिहीतेस ग .....खुप छान🍫💓
ReplyDeleteThank you so much. 😊
Deleteलेखना इतकीच सुंदरता...
ReplyDeleteNice pic 👌🌹
Thanks Mrunali 😊
Deleteप्रिय मैत्रिणी, खूप छान कवियत्री आहेस तू
ReplyDeleteअनेक धन्यवाद!
Deleteवो ख़ामोशी ना मोहताज़ हुईं लबों की
ReplyDeleteमेरे साँसों में अटक के दिलों को छू गई
क्या कहे आपके अंदाज-ए- बया को, आपके अल्फाज हमेशा दिले नादान को लुभा जाते हे आमीन.
आपके इस इज्जत अफजाई के लिए बहोत शुक्रिया!
Deleteवो ख़ामोशी ना मोहताज़ हुईं लबों की
ReplyDeleteमेरे साँसों में अटक के दिलों को छू गई
क्या कहे आपके अंदाज-ए- बया को, आपके अल्फाज हमेशा दिले नादान को लुभा जाते हे आमीन
शुक्रिया मेरे दोस्त..!
DeleteNice
ReplyDeleteBahut khub
ReplyDeleteएकदम भारी
ReplyDeleteBest wishes for your upcoming blogs, keep writing, you are a very good writer
ReplyDeleteVery Nice
ReplyDeleteMind blowing....
ReplyDelete