Posts

Showing posts from October, 2023

तुम, फिर मुझे मिलना जरूर..

Image
  तुम, फिर मुझे मिलना जरूर.. तुम आए, मिले और अब जा भी रहे हो ? सुनो.. तुम, फिर मुझे मिलना जरूर ! कोरे काग़ज़ पर लिखी कविता और  संगीत में पिरोए शब्दों की तरह  ख़ुशनुमा-सा इश्क़ का बादल बनकर  तुम, फिर मुझे मिलना जरूर...! पंछियों की आजाद किलकिलाहट और  इंद्रधनू की जगमगाती आभा की तरह  इश्क़ का नया-सा रंग खिलाकर  तुम, फिर मुझे मिलना जरूर...! उम्मीदों से खिलखिलाती सुबह और  ओस की झिलमिलाती बूँदों की तरह  इश्क़ का धुँधला-सा कोहरा बनकर  तुम, फिर मुझे मिलना जरूर...! इठलाती नदी की बेकरारी और  सुरज की चढ़ती लालिमा की तरह  इश्क़ का गुमनाम-सा साहिल बनकर  तुम, फिर मुझे मिलना जरूर...! मेरी आजाद रूह की झलक और  तेरी आँखों की मुस्कान की तरह  इश्क़ का मीठा-सा दर्द बनकर  तुम, फिर मुझे मिलना जरूर...! सुनो... तुम, फिर मुझे मिलना जरूर...!                                       - तेजश्री शिंदे